Health : अगर आपके कंधे के जोड़ कठोर और सख्त हो जाते हैं तो खबर जरूर पढ़ें

डॉ जितेन्द्र सिन्हा
जसलोक अस्पताल
(बजरा) रांची

फ्रोजेन शोल्डर कंधे का खास दर्द है जो आमतौर पर 40-45 वर्ष के बाद ही होता है। इसमे कंधे के जोड़ कठोर और सख्त हो जाते है। बांह को उपर उठाने या हिलाने डुलाने मे तेज दर्द होता है। दर्द अनवरत होता है, किन्तु रात के समय तीव्रता बढ़ जाती है। सर्दी का मौसम हो तो तीखे दर्द के साथ ऐंठन भी होता है।

फ्रोजेन शोल्डर के होने का कारण सही सही बताना कठिन है किन्तु यह देखा गया है कि मधुमेह और फेफड़ो के रोगी को यह अक्सर होता है। दिल का दौरा के बाद, हृदय रोगी, दुर्घटना के बाद टिशयु का डैमेज होने के बाद फ्रोजेन शोल्डर आम देखा जाता है।

फ्रोजेन शोल्डर के इलाज मे दर्द निवारक दवाओ और पेन किलर के क्रीम से हलकी मालिश किया जाता है। हाॅट बैग से सिकाई, कंधे को गर्म करना और बाॅहो को तानने वाला अभ्यास कराए जाते है।कुछेक मामलों में टीईएनएस से भी फ्रोजेन शोल्डर का तीखा दर्द कम किया जाता है।यह एक बैटरी-चालित उपकरण है जिससे त्वचा मे लगाकर नर्व मे उत्तेजना पैदा किया जाता है।अधिक गम्भीर दर्द के मामलो मे मिथाइल प्रेडनिसोलोन के इन्जेक्शन, विकिरण चिकित्सा और काॅटैसोन के इन्जेक्शन लगाने पड़ते है। सम्पूर्ण इलाज एक लम्बी प्रक्रिया होतो है इसलिए मरीज को चिकित्सक पर पूरा विश्वाश कर लम्बे समय तक सहयोग करना चाहिए।

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