लॉकडाउन के दौरान हॉकी खिलाड़ियों ने सीखी नई तकनीक

नई दिल्ली।भारतीय महिला और पुरूष हॉकी टीमें कोरोना वायरस के कारण मार्च से लगाये गए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण भारतीय खेल प्राधिकरण के बेंगलुरु केंद्र में है। हालांकि इस लॉक डाउन में दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कई नई तकनीकें सीख ली हैं। जिनकी जरूरत उन्हें इंडोर अभ्यास में पड़ रही है। 
 कोचिंग स्टाफ भी इसी केंद्र पर है लेकिन सामाजिक दूरी के नियमों के कारण टीमें विभिन्न एैप का इस्तेमाल करके अपना काम उस पर जमा कर रही हैं। 
 

महिला टीम की उपकप्तान सविता ने कहा ,‘‘इससे पहले इन एैप का इस्तेमाल सप्ताह की गतिविधियां तय करने के लिये कोचिंग स्टाफ ही करता था जो बाद में हमसे साझा की जाती थी।’’ 
 उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान साई केंद्र पर सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए हम सभी गूगल डाक्स और गूगल फार्म्स का इस्तेमाल अपना काम और डेटा जमा करने के लिये कर रहे हैं।’’ 

उन्होंने कहा ,‘‘ इसके बाद मुख्य कोच या वैज्ञानिक सलाहकार से वीडियो कॉल पर इस पर चर्चा की जाती है।’’ अब टीम बैठकों और टीम कांफ्रेंस में गूगल मीट या जूम का इस्तेमाल आम हो गया है।  
भारतीय टीमों ने 2017 में टीपीए (टीम प्रदर्शन विश्लेषण) सॉफ्टवेयर का उपयोग शुरू किया। खिलाड़ियों ने लॉकडाउन के दौरान इसका अधिकतम उपयोग तब किया जब उन्हें पिछले दो वर्षों में खेले गए प्रमुख मैचों का विश्लेषण करने के लिए कहा गया था। 

सविता ने कहा कि मुख्य कोच सजोर्ड मरिजने ने हमें 2017 में टीपीए के बारे में बताया था और उन्होंने यह अनिवार्य कर दिया कि यह सॉफ्टवेयर हम सभी के आईपैड में होना चाहिए ताकि हम अपने मैच का विश्लेषण कर सकें। मुझे लगता है कि हमने लॉकडाउन के दौरान इस सॉफ़्टवेयर का अधिकतम उपयोग किया। 

वहीं, पुरूष टीम के उपकप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा ,‘‘ हमारा सहयोगी स्टाफ इसी परिसर में है लेकिन हम व्यक्तिगत बैठकों के लिये जूम कॉल का इस्तेमाल करते हैं जिनमें आहार , मैच विश्लेषण वगैरह पर बात की जाती है।

This post has already been read 649 times!

Sharing this

Related posts