गरीब आदिवासी-मूलवासियों के जीवन में रोशनी नहीं आने देना चाहते हैं हेमंतः प्रतुल शाहदेव

रांची। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन के उस बयान को तथ्यहीन बताया जिसमें उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट में घोटाले की बात कही है। प्रतुल ने कहा कि बिना जानकारी के आरोप लगाना हेमंत सोरेन की निराशा और हताशा वाली मानसिकता को दिखाता है। उन्होंने कहा कि मुखिया संघों द्वारा विभाग को प्रस्ताव दिया गया था कि अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग दरों पर स्ट्रीट लाइट लगायी जा रही है।

उसके बाद सरकार ने पूरे प्रदेश में सामान दर लागू करने के लिए यह कार्य ईईएसएल को दिया जो सौ प्रतिशत भारत सरकार की स्वामित्व वाली कंपनी है। जिस दर और शर्तों पर ईईएसएल को ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य मिला है, उसी दर और उन्हीं शर्तों पर यह कंपनी आंध्र प्रदेश समेत देश के अन्य राज्यों में भी काम कर रही हैं।प्रतुल ने कहा कि हेमंत सोरेन गलत बयानी कर रहे हैं कि एक बल्ब की कीमत 1,850 है, जबकि एक बल्ब की कीमत सिर्फ 1350 है। झारखंड मुक्ति मोर्चा नहीं चाहता कि गांवों में बिजली पहुंचे। स्ट्रीट लाइट से गांव में अंधकार दूर हो और बच्चे पढ़ सकें। यही कारण है कि अलग राज्य होने के बाद भी 30 लाख घरों में बिजली नहीं पहुंची थी। रघुवर सरकार ने मिशन मोड में पिछले साढ़े 4 वर्षों में 30 लाख घरों में बिजली पहुंचाने का कार्य किया है।
आज अगर बिजली की आंख मिचौनी जारी है तो इसके लिए हेमंत सोरेन सबसे ज्यादा दोषी हैं। जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान 14 महीने तक ट्रांसमीशन लाइन की फाइल को दबाकर रखा था और उस पर कोई निर्णय नहीं लिया। अगर उस समय यह फाइल क्लियर हो गई होती तो आज पूरे राज्य में चौबीस घंटे निर्बाध बिजली मिल रही होती। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन राज्य सरकार के विकास कार्यों को देखकर छटपटाहट की मुद्रा में हैं। वह जानते हैं कि जनता जग गई है और झामुमो के वोटबैंक की राजनीति समाप्त हो गई है।

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