चैंबर भवन में हुआ हेल्प डेस्क का आयोजन

रांची। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज की पहल पर चैंबर भवन में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बुधवार को हेल्प डेस्क का आयोजन किया गया। इसमें उद्यमियों की पॉल्यूशन से संबंधित कठिनाईयों का निष्पादन किया गया।

मौके पर बोर्ड के प्रतिनिधियों ने कहा कि एनजीटी के निर्देशानुसार होटल, रेस्तरां, मैरेज हॉल, बैंक्वेट हॉल, धर्मशाला, आश्रम के संचालन के लिए झारखण्ड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् से स्थापना सहमति, संचालन सहमति लेना अनिवार्य है। सीटीओ प्राप्त करने के लिए बोर्ड द्वारा इनका वर्गीकरण किया गया है। जिस क्रम में कमरों की संख्या, डिस्चार्ज ऑफ वाटर, बॉयलर्स है या नहीं, एयर इम्यूशन और हजार्ड वेस्ट जेनरेशन क्या है।

यह बताया गया कि 100 किलो लीटर प्रतिदिन से अधिक अपशिष्ट जल का निःस्सरण करनेवाले होटल जिसमें बेबी, स्मॉल बॉयलर की स्थापना की जा सकती है। उसे लाल श्रेणी, तीन स्टार से कम अथवा 20 कमरों से अधिक लेकिन 100 कमरों से कम क्षमता के होटल जो 100 किलो लीटर प्रतिदिन से कम अपशिष्ट जल निःस्सारित करते हैं, तथा कोल, ऑयल फाय्रड बेबी, स्मॉल बॉयलर की स्थापना की जा सकती है। उन्हें नारंगी श्रेणी एवं बिना बॉयलर वाले 20 कमरों तक के होटल जिनके द्वारा 10 किलो लीटर प्रतिदिन से कम अपशिष्ट जल निःस्सारित किया जाता है तथा 20 कमरों से कम क्षमता के होटल, कम से कम 100 वर्गमीटर तक धरातल क्षेत्रफल के बैंक्वेट हॉल, कम से कम 36 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता वाले रेस्तरां हरा श्रेणी में निर्धारित किये गये हैं। श्रेणी के आधार पर होटल-बैंक्वेट को सीटीओ, सीटीई लेना है।

चैंबर के पॉल्यूशन उप समिति चेयरमेन मुकेश कुमार ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रत्येक माह झारखण्ड चैंबर के साथ बैठकों का आयोजन किया जाये, ताकि समस्याओं का निष्पादन समयपूर्वक किया जा सके। 

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