पत्रकार अर्णब गोस्वामी को कारण बताओ नोटिस के खिलाफ याचिका पर सुनवाई टली

नई दिल्ली :  सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार अर्णब गोस्वामी को महाराष्ट्र विधानसभा की ओर से भेजे गए कारण बताओ नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई टाल दी है। चीफ जस्टिस एसए बोब्डे ने इस याचिका पर दो हफ्ते बाद सुनवाई करने का आदेश दिया। सोमवार को याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि कोर्ट की नोटिस विधानसभा को तामिल नहीं की जा सकी है।
सुनवाई के दौरान हरीश साल्वे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पिछले नोटिस को विधानसभा को तामिल नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि आफिस रिपोर्ट में किसी की उपस्थिति दर्ज नहीं की गई है। महाराष्ट्र सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उनकी इस याचिका में कोई भूमिका नहीं है। तब चीफ जस्टिस ने पूछा जब विशेषाधिकार कमेटी किसी व्यक्ति को नोटिस जारी करती है तो क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस पर सिंघवी ने कहा कि मैं राज्य सरकार की ओर से कुछ नहीं कहूंगा लेकिन हमें जानकारी है कि शिकायत को दोनों सदनों की कमेटी को भेज दिया जाता है।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि जब सदन का कोई सदस्य किसी दूसरे सदस्य के बारे में टिप्पणी करता है तो स्पीकर उस पर गौर करते हैं उसे विशेषाधिकार कमेटी को भेज देते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता और ननी पालखीवाला को भी एक बार महाराष्ट्र विधानसभा ने नोटिस जारी किया था। पिछले 30 सितंबर को कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा को नोटिस जारी किया था। चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने महाराष्ट्र विधानसभा को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्दश दिया था।
अर्णब गोस्वामी की ओर से वकील हरीश साल्वे ने कहा कि विधानसभा का विशेषाधिकार विधानसभा से बाहर नहीं जाना चाहिए। तब कोर्ट ने कहा कि वो मामले की गंभीरता को समझती है। कोर्ट ने कहा कि यह केवल कारण बताओ नोटिस है और कोई विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं है। कोर्ट ने कहा कि विशेषाधिकार प्रस्ताव को आम तौर पर विशेषाधिकार समिति द्वारा निपटाया जाता है और समिति द्वारा आरोप लगाने की जरुरत होती है। तब हरीश साल्वे ने कहा कि विधानसभा सचिव ने इसे भेजा है और यह कहता है कि पत्रकार मुख्यमंत्री का आलोचक है।
दरअसल महाराष्ट्र विधानसभा के दोनों सदनों में अर्णब गोस्वामी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया गया है जिसके बाद गोस्वामी को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। 

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