कोरोना से होने वाली मौत की दर को 1 प्रतिशत से नीचे लाने की कोशिश : स्वास्थ्य मंत्री


नई दिल्ली : केन्द्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई 18वी मंत्री समूह की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कोरोना की स्थिति व इससे निपटने के लिए विभिन्न मंत्रालयों द्वारा उठाए जा रहे उपायों की समीक्षा की गई। इस मौके पर डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि भारत में अभी कोरोना सामयुदायिक स्तर पर नहीं फैला है। अलबत्ता कुछ स्थानों पर ढेर सारे कोरोना के मामले आए हैं। लेकिन उन स्थानों पर कोरोना के मरीजों की पहचान कर उसकी जांच करने के साथ उसे उपचार दिया जाने का काम तेजी से किया जा रहा है। इसी सिद्धांत पर कोरोना को काबू में किया जा रहा है। भारत में 10 लाख लोगों में सिर्फ 538 मरीज उन्होंने कहा कि भारत को कोरोना प्रभावित दुनिया के तीसरे बड़े देश में के रूप में दिखाया जा रहा है। इसे सही परिप्रेक्ष्य में दिखाने की जरूरत है। जनसंख्या के हिसाब से देखें तो भारत में 10 लाख लोगों पर सिर्फ 538 मरीज हैं। जबकि दुनिया में यह आंकड़ा 1453 मरीज। दुनिया में सबसे अच्छा रिकवरी रेट 62.08 प्रतिशत भारत में है। मृत्यु दर है 2.75 प्रतिशत है जो दुनिया में सबसे कम है।  90 प्रतिशत एक्टिव मामले 8 राज्यों में  डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि देश में 90 प्रतिशत कोरोना के एक्टिव मामले 8 राज्यों में है। 80 प्रतिशत एक्टिव मामले 59 जिलों में से रिपोर्ट हुए हैं। 86 प्रतिशत मौतें छह राज्यों से रिपोर्ट हुए हैं। जबकि केवल 32 जिलों में ही कोरोना से कुल मौतें हुई हैं। कोरोना को काबू करने के लिए केन्द्र ने 15 से ज्यादा विशेषज्ञों की टीमें राज्यों में भेजी हैं। राज्यों के साथ केन्द्र लगातार संपर्क में है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि सूचना व प्रसारण मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने फेक न्यूज पर लगाने लगाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। इसके कारण लोगों को तक गलत जानकारी देने वाले पोस्ट पर कार्रवाई की गई है।

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