शहरी क्षेत्र की गरीब महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार का जोर

सीआरपी दीदीयों के “दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सह क्षमता संवर्धन कार्यक्रम ” का हुआ आयोजन

रांची : नगरीय प्रशासन निदेशालय, नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से दीन दयाल अंत्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन अंतर्गत सामुदायिक संसाधन सेवियों (CRPs) के “ दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सह क्षमता संवर्धन कार्यक्रम ” का आयोजन दिनांक 06.11.2021 से 15.11.2021 तक केजरीवाल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट स्टडीज (नामकुम, राँची) किया जा रहा है I प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रारंभ विजया जाधव भा०प्र०से०,निदेशक , नगरीय प्रशासन निदेशालय द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया I इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के निकायों से 126 सामुदायिक संसाधन सेवियों (CRPs) को जे०एस०एल०पी०एस० के स्टेट रिसोर्स पर्सन एवं एन०यू०एल०एम० के राज्य मिशन प्रबंधकों द्वारा विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जायेगा I

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प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर निदेशक , नगरीय प्रशासन निदेशालय, विजया जाधव द्वारा सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों, इससे होने वाले लाभों एवं वर्तमान समस्याओं से संबंधित विभिन्न बिन्दुओं से अवगत कराया I उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आप अपना शत प्रतिशत ध्यान प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगायें तथा अपना क्षमता संवर्धन का निकाय का एक महत्वपूर्ण कैडर बने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में , नेतृत्व क्षमता बढ़ाने में , वित्तीय जागरूकता बढाने में , सामजिक कुरीत्तियों को दूर करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं I उन्होंने सभी सीआरपी महिलाओं को अपने शहरी क्षेत्र के स्वयं सहायता समूह से जुड़ी गरीब महिलाओं को सशक्तिकरण करने उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रेरित करने पर बल दिया I

उन्होंने कहा कि इस दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम से सीआरपी दीदीयों को झारखण्ड के शहरी क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों के गठन, संवर्धन, सशक्तिकरण, रोजगार सृजन तथा उनके विकास की प्रक्रिया को गति देने सम्बंधित महत्वपूर्ण ज्ञान एवं अनुभव प्राप्त होगी । इससे राज्य की महिलाएं और ज्यादा सशक्त होंगी । उन्होंने यह भी बताया कि सामाजिक उत्प्रेरण एवं संस्थान विकास (SM&ID) डे-एनयुएलएम का एक प्रमुख घटक है। डे-एनयुएलएम योजना के तहत झारखण्ड में कार्यरत 50 शहरी नगर निकायों (ULBs) में वर्तमान में 12,355 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सामुदायिक संसाधन सेवियों (CRPs) दीदियों के क्षमता संवर्धन कर के शहरी क्षेत्र के स्वयं सहायता समूह से जुड़ी गरीब महिलाओं का सशक्तिकरण करना, उनका बौद्धिक विकास करना तथा उनमें आपसी समझ विकसित करना है ।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यतः ‘गरीबी क्या है? ‘गरीबी के मुख्य कारण, गरीबी बढाने वाले कारण व गरीबी हटाने के सात कदम’ लेखन अभ्यास,भाषण व शैक्षणिक खेल के माध्यम से समूह क्यों, प्रशिक्षक का केस स्टडी, चार्ट कार्य व अभ्यास से प्रशिक्षणार्थी को परिचित कराया जायेगा । प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में मुख्य रूप से समूह की परिभाषा, समूह के गठन, समूह गठन में ध्यान देने वाली बातें, समूह के नियम, अच्छे समूह के लक्षण पर चर्चा की गई। इस दौरान खासतौर पर आपसी लेन-देन करने, समय पर पैसा लौटाने, आपसी तालमेल बनाए रखने, समूह की बैठक में दूसरों की बातों को सुनने व ईमानदारी की शर्त को कायम रखने पर जोर दिया जा रहा है । प्रशिक्षण कार्यक्रम में जे०एस०एल०पी०एस० के प्रशिक्षकों द्वारा समूह का केस स्टडी, साप्ताहिक बैठक का तरीका, साप्ताहिक बैठक से लाभ, दस सूत्र, साप्ताहिक बैठक का एजेंडा, पदाधिकारियों का चयन, पदाधिकारियों का जिम्मेदारियां, एसएचजी पुस्तक के प्रकार, पुस्तक के रख-रखाव पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया जायेगा I

इस अवसर पर राज्य मिशन प्रबंधक कुमार बम , बिनोद कुमार ठाकुर , निरंजन कुमार , मुकेश झा , नगर मिशन प्रबंधक किरण ग्लोरिया एवं सतीश कुमार उपस्थित रहे I

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