ग्लव्ज फटे, बैट टूट गया, पिता की जेब में बचे सिर्फ 280 रुपए, फिर भी नहीं टूटी हिम्मत

नई दिल्ली। अगले महीने ऑस्ट्रेलिया में महिला टी20 वर्ल्ड कप होने वाला है। जिसके लिए टीम इंडिया का ऐलान हो चुका है। हरमनप्रीत कौर की अगुआई में टीम इंडिया वर्ल्ड कप में अभियान का आगाज करेगी। भारत की वर्ल्ड कप टीम की सबसे युवा खिलाड़ी शेफाली वर्मा हैं, जिनकी उम्र अभी सिर्फ 15 साल है। भारतीय चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि टीम इंडिया की यह युवा बल्लेबाज देश को वर्ल्ड कप दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी। 15 साल की शेफाली सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। वह इंटरनेशनल क्रिकेट में अर्धशतक लगाने वाली सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी हैं। इस युवा बल्लेबाज ने पिछले साल सितंबर में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था और सिर्फ चार महीने के अंदर ही वर्ल्ड कप टीम में जगह बना ली, जो दिखने में ही नामुमकिन सा लगता है। नौ टी20 मैचों में 222 रन बना कर उन्होंने टीम में अपनी जगह पक्की की। 24 सितंबर को साउथ अफ्रीका के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाली शेफाली का नाम आज हर कोई जानता है। मगर भाई की जगह खेलना, फटे ग्लव्स और टूटे बल्ले को पीछे छोड़े अभी ज्यादा समय नहीं बीता है। उनके जेहन में आज भी तीन साल पुरानी यादें जिंदा हैं, जब उनके पिता संजीव वर्मा के साथ ठगी हो गई थी। इस ठगी के बाद वह पूरी तरह बर्बाद हो गए थे। उस समय उनकी जेब में केवल 280 रुपए ही बचे थे। शेफाली के ग्लव्ज पूरी तरह से फट गए थे और बल्ला भी टूटने के कगार पर पहुंच गया था। वह पिता की हालत को देख रही थीं, इसलिए उन्होंने पिता से कुछ नहीं कहा लेकिन ऐसे कठिन समय में भी उन्होंने खेलना बंद नहीं किया। शेफाली ने मात्र 10 साल की उम्र में लड़कों के मैच में प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता था। दरअसल अंडर 12 टूर्नामेंट के उस मैच में उनके भाई को खेलना था, मगर बीमार होने के कारण उनका भाई नहीं जा पाया, जिसके बाद उनके पिता शेफाली को ले गए। जहां उनकी बल्लेबाजी हर कोई देखता रह गया। 28 जनवरी 2004 को हरियाणा के रोहतक में जन्मीं शेफाली ने 9 इंटरनेशनल टी20 मैचों में 142.30 की स्ट्राइक रेट से 222 रन बनाए हैं। उनका अभी तक सर्वाधिक स्कोर 73 रन रहा है। अपने इंटरनेशनल कैरियर में उन्होंने दो अर्धशतक लगाए हैं।

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