शिक्षा और स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता, इनसे कोई समझौता नहीं : मुख्यमंत्री

चाईबासा : हेमंत सोरेन को ट्वीट के माध्यम से जानकारी मिली कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के प्रखंड टोंटो पंचायत केंजरा ग्राम तिलयाकुटी में एक विद्यालय ऐसा है, जहां एक साल से बच्चे पढ़ाई के लिए विद्यालय नहीं गए हैं।

बच्चों के विद्यालय नहीं जाने का मुख्य कारण विद्यालय में शिक्षक का नहीं होना है। इस विद्यालय में एक मात्र पारा शिक्षक थे, जो फरवरी 2019 से विद्यालय नहीं आ रहें हैं, जिस कारण बच्चे शिक्षा से वंचित हो गए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह दिया निदेश

मुख्यमंत्री ने उपायुक्त चाईबासा को निदेश देते हुए कहा कि यह मामला वाकई पीड़ादायक है। कृपया कर जल्द से जल्द इस विद्यालय में शिक्षक एवं मध्याह्न भोजन की व्यवस्था करते हुए इसे मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करें। शिक्षा और स्वास्थ्य हमारी सरकार की प्राथमिकता है, जिससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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