कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर होटल में रहेंगे,दिल्ली सरकार उठाएगी खर्च

नई दिल्ली। दिल्ली में करोना मरीजों का इलाज कर रहे डाॅक्टर अब होटल ललित में रहेंगे। दिल्ली सरकार ने कोरोना से ग्रसित मरीजों का इलाज करने वाले डाॅक्टरों को रहने के लिए बाराहखंभा स्थित ललित होटल में 100 कमरों को खाली कराया है। यहां पर डाॅक्टरों के रहने और खाने-पीने की सभी व्यवस्थाएं की गई हैं, जिसका पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर यह जानकारी साझा की है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय के ट्वीटर हैंडल से ट्वीट कर कहा गया कि डाॅक्टर्स कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए एक योद्वा की तरह आगे बढ़ कर लड़ाई लड़ रहे हैं। दिल्ली सरकार के लोक नायक और जीबी पंत अस्पताल में कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में जुटे डाॅक्टरों को अब ललित होटल में रहने की व्यवस्था की गई है। इससे पहले, दिल्ली के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया।

विभाग की तरह से जारी आदेश के मुताबिक, सरकार ने यह फैसला लिया है कि लोक नायक अस्पताल और जीबी पंत अस्पताल में भर्ती कोरोना से ग्रसित मरीजों के इलाज में जुटे सभी डाॅक्टरों को होटल ललित में रहने की सभी व्यवस्थाएं की गई हैं और डाॅक्टरों के रहने-खाने में आने वाले खर्च का वहन दिल्ली सरकार करेगी। बाराखंभा रोड स्थित ललित होटल में 100 रूम उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी नई दिल्ली जिले के जिलाधिकारी की होगी।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि एक योद्धा की तरह डॉक्टर आगे बढ़ कर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। वो लोग अब घर नहीं जाएंगे। जो डॉक्टर अस्पतालों में 24 घंटे काम कर रहे हैं, उन्हें अस्पताल के आसपास ही रहने की व्यवस्था की जा रही है। यह लोग 24 घंटे काम कर रहे हैं, इसलिए उनकी सुविधा के लिए यह व्यवस्था करना हमारी जिम्मेदारी बनती है। इन डॉक्टरों को 14-14 दिन के शिफ्ट में होटल में रहने की व्यवस्था की गई है।

डॉक्टर 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। किसी भी वक्त जरूरत पड़ने पर उनकी सेवा ली जा सकेगी। यह डॉक्टर काफी जिम्मेदारी पूर्वक काम कर रहे हैं, इसलिए उन्हें सुविधाएं देनी जरूरी है। यह एक तरह से डॉक्टर को परिवार से दूर रखने के लिए भी किया गया है, ताकि वो कोरोना से प्रभावित हों तो परिवार में न फैल सके। एक डॉक्टर एक रूम में रहेंगे। एक से अधिक डॉक्टर एक रूम में नहीं रहेंगे। यह डाक्टरों के लिए एक तरह से क्वारंटाईन की व्यवस्था है। 

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