Health : क्या आप बुखार को मानते हैं बीमारी?

अधिकांश लोग बुखार को बिमारी मान लेते है..
यह बिमारी नही बल्कि बिमारियो की पहचान है..

पारासिटामोल, निमुसलाइड से कुछेक घन्टे बुखार को रोका जा सकता है। छोटे बच्चो को निमुसलाइड वर्जित है। अधिक बुखार हो तो भीगे कपड़े से पूरे शरीर को पोछना चाहिए।

छोटे  बच्चे को यदि बूखार के बाद  मूर्च्छा आ जाता हो तो उसका कारण अधिक बुखार है। ऐसे बच्चो को बुखार चढने से पहले  पारासिटामोल दे दिया जाना चाहिए।

बुखार मे बच्चे को कभी भी धूप मे न सुलाए, मूर्च्छा आ सकता है। कम्बल या चादर भी नही ओढावे। पंखे, कूलर या खुली हवा मे घर के अन्दर रखे।

इनफैकशन  के कारण  बुखार हो तो पैरासिटामोल के साथ एंटीबायोटिक देना जरुरी है।

मलेरिया, फायलेरिया , डेंगू, चिकनगुनिया, जापानी  ज्वर का सही दवा देकर ही बुखार कम हो सकता है।

बुखार के साथ   दौरा पड़ने , बोलने  में दिक्कत होना और  गर्दन मे अकड़न हो तो  मैनिनजाईटिश की जांच करवाना  चाहिए।

बुखार के साथ रक्तस्राव, पसस, गांठ, गिल्टीयॉं हो तो कैन्सर की जांच करानी चाहिए।

टीबी और कोरोना मे बुखार के साथ खांसी आता है।

आर एन प्रसाद
rajeevnandanprasad@gmail.com

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