Health : क्या आपको भी होता है तनाव तो हो जाइये सावधान…

आजकल हर कोई कहता है कि मैं टेंशन मे हूं। क्या टेंशन बिमारी है?

तनाव निश्चित तौर पर एक बिमारी है। किन्तु यह भी सच है कि इस बिमारी से अलग रहकर हम आधुनिक जीवन बिताने की सोच भी नही सकते।

Q1 :तनाव मुक्त जीवन सम्भव क्यों नहीं है?

आधुनिक जीवन मे हम हर काम मे एक लक्ष्य तय करते है। इसे पाने के लिए जोर लगाते है।बीच मे असफ़लता या रुकावट से ब्रेन के अन्दर एक हारमोन काॅरटिशोल पैदा होता है।जो बूढापे जैसी समस्या पैदा करने लगता है।इसे तनाव कहते है।

Q2 : तनाव मे शरीर मे कौन सी हरकत होने लगती है?

1) भोजन को पचाने में सहायक गुड बैक्टीरिया की संख्या में कमी आती है. पेट में गैस और अपच होने लगता है।

2) बार-बार सर्दी-खांसी कॉर्टिसोल बढने के कारण होता है।क्योकि बिमारी से लड़ने की ताकत कम हो जाती है।

3) छोटी-छोटी बातो से घबड़ाहट और अज्ञात कारणो से डर लगने लगता है। इसका उपचार मार्निग वाॅक है।जिसमे एन्डॉर्फ़िन हारमोन का स्राव होता है.जो नैचुरल पेनकिलर है।यह घबड़ाहट को कम कर देता है।

4) तनाव के कारण ठीक से नींद नहीं आती । तनाव और नीन्द एक दूसरे के धुर विरोधी है। थका-थका सा महसूस होगा किन्तु नीन्द नही आएगी। ऐसे मे दवा के हेल्प से नीन्द लेनी चाहिए।

5) त्वचा रूखी और पपड़ीदार हो जाती है। त्वचा मे कॉर्टिसोल के पैदा होने के कारण सोरायसिस (पपड़ीदार त्वचा), एक्ज़िमा (खुजली), एलोपीशिया (बाल उड़ना) , रोजेसी (त्वचा लाल हो जाना) दिखने लगती है। इन सबका एक उपचार है। अच्छी नीन्द से कॉर्टिसोल का निकलना बन्द हो जाता है और त्वचा फिर से चमकने लगती है।

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