ईदुल फितर की नमाज को लेकर दारुल उलूम देवबंद ने जारी किया फतवा

उत्तर प्रदेश : विश्व प्रसिद्ध इस्लामी शैक्षणिक संस्थान दारुल उलूम देवबंद ने ईद की नमाज को लेकर एक फतवा जारी किया है। इसमें कहा गया है की ईदुल फितर की नमाज़ भी जुमा की नमाज के जैसा प्रशासन के निर्देशानुसार मस्जिद या घरों में अदा की जाए। आगे फतवे में ये भी कहा गया की जो भी लोग किसी मज़बूरी के कारन ईद की नमाज़ नहीं पढ़ पाएंगे, ऐसे में उनके लिए नमाज-ए-ईद माफ होगी।

मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी के लिखित प्रश्न के उत्तर में दारुल उलूम के मुफ्तियों की स्वतंत्रता पीठ ने फतवे में कहा है कि ईद की नमाज वाजिब है। जिस तरह से जुमे की नमाज़ के लिए शर्तें थी, ईदुल फितर के लिए वही शर्त है।

जिस तरह से कोरोना के मामले सामने आ रहे है, इस हिसाब से अगर ईदुल फितर तक लाॅकडाउन जारी रहता है मस्जिदों में 5 से अधिक लोगों की नमाज की इजाजत नहीं होती है ऐसे में जिस तरह से लॉकडाउन में जुमे की नमाज़ अदा की जा रही है ठीक इसी तरह से ही ईद की नमाज़ पढ़ी जाएगी।

आगे ये भी कहा गया की जो लोग ईद की नमाज़ अदा करने में महरूम रहेंगे या कोई सूरत न बन सके, तो उन्हें घबराने या परेशानी होने की जरूरत नहीं है। इस तरह की मजबूरी के कारन नमाज़ ए ईद माफ होगी। ऐसे में बेहतर होगा की आप 2 या 4 रकअत चाश्त की नमाज अदा करले।

आपको बताते चले की देश में कोरोना महामारी और लागु लॉकडाउन के चलते ऐशबाग के दारुल-उलूम मदरसे ने नमाज के लिए एक फतवा जारी किया था। असल में ये फतवा ईद और अलविदा की नमाज को लेकर जारी किया गया था।

फतवे में कहा गया था की ईद के लिए नए कपड़े जरूरी नहीं, जो आपके पास में हैं उन्हीं का इस्तेमाल करें. यह फतवा मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने जारी किया था। आगे ये भी कहा था की इमाम वा मोअज्जिन के अलावा जो तीन लोग नमाज वर्तमान में पढ़ रहे हैं, वही लोग ईद और अलविदा की नमाज भी पढ़ेंगे।

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