Ramgarh / कोयला उत्पादन ठप : देश की संपत्ति को बेच रही मोदी सरकार: रमेंद्र कुमार

रामगढ़। कमर्शियल माइनिंग के खिलाफ कोयलांचल में तीन दिवसीय हड़ताल का आगाज हो गया है। गुरुवार को सुबह से ही मजदूर यूनियन सड़क पर उतर आए थे। माइंस में मजदूरों ने काम ठप कर दिया था। गाड़ियां यार्ड में लग चुकी थी और उत्पादन पूरी तरीके से बंद हो गया है। तीन दिनों के इस हड़ताल में कोयला क्षेत्र में भूचाल भी आ सकता है। पहले दिन की हड़ताल से ही करोड़ों रुपए का नुकसान कोल सेक्टर में लोगों को हुआ है। इस पूरे प्रकरण और हड़ताल के मुद्दे पर एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार ने कहा कि देश के कोयला मजदूर सबसे बड़े राष्ट्रभक्त हैं।

वे अर्थव्यवस्था की पहिया घुमाने में सहायक हैं। लेकिन मोदी सरकार देश को बेचने के लिए आतुर है। लगातार ऐसी योजना तैयार की जा रही है, जिससे देश के संपत्ति सिर्फ पूंजीपतियों के हाथों में जा रही है। लेकिन कोयला मजदूर केंद्र सरकार की इस मंशा को सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल केंद्र सरकार को आगाह करने के लिए की गई है। अगर सरकार इसके बाद भी नहीं चेतती है, तो उनके खिलाफ कोयला मजदूर चरणबद्ध आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

बरका सायल एरिया सचिव राजू यादव ने कहा कि पूरा कोयलांचल आज हड़ताल पर है। अगर सरकार कमर्शियल माइनिंग की अपनी इस योजना को वापस नहीं लेती है, तो यह आंदोलन खत्म होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के सार्वजनिक संपत्ति को पूंजीपतियों के हाथों में बेचने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। लेकिन अब मजदूर जाग चुका है। रामगढ़ जिले के रजरप्पा प्रोजेक्ट, अरगड्डा प्रक्षेत्र, कुज्जू प्रक्षेत्र, चरही प्रक्षेत्र, वेस्ट बोकारो, झारखंड परियोजना, भुरकुंडा, सयाल, उरीमारी सहित अन्य माइंस में काम ठप हो गया है।

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