चिराग ने जारी किया लोजपा का चुनावी घोषणा पत्र

चुनाव में नीतीश कुमार जीते तो हार जाएगा बिहारः पासवान 

– लोगों के समक्ष रखा ‘बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट’ का दृष्टिकोण

पटना :  लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने बुधवार को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए घोषणा पत्र जारी किया। इसमें रोजगार पोर्टल बनाने, जीविका मित्र को वेतन देने, हर घर हर खेत में बिजली पहुंचाने सहित कई वादे किये गये हैं। हालांकि, इस दौरान उनके चाचा और हाजीपुर के सांसद पशुपति पारस मौजूद नहीं थे। इस मौके पर पार्टी अध्यक्ष व जमुई सांसद चिराग पासवान ने कहा कि अगर नीतीश कुमार चुनाव में जीत जाते हैं तो बिहार हार जाएगा। हमारा प्रदेश पुनः बर्बादी के कगार पर जाकर खड़ा हो जाएगा। नीतीश युवा विरोधी हैं। हमें मौका दीजिए, 20 दिनों में बदलाव लाकर दिखाएंगे। मैंने बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट के अपने दृष्टिकोण को सामने रखा है। यह सभी समस्याओं का समाधान करेगा।

चिराग ने कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री को देखकर मुझे आश्चर्य होता है कि वे किस तरह से जातीयता को बढ़ावा देते हैं। जो व्यक्ति खुद सांप्रदायिकता को बढ़ावा देता हो, उसके नेतृत्व में बिहार के विकास की कल्पना करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि चिराग ने कहा कि मुख्यमंत्री न मेरे सवाल का जवाब देते हैं और न मेरा फोन उठाते हैं। बिहार में अधिकारियों का ही बोल-बाला है। अधिकारी सरकार चलाते हैं। मुख्यमंत्री अधिकारियों को बढ़ावा देते हैं। सात निश्चय योजना में भ्रष्टाचार हुआ है। सारे काम कागज पर किए गए। चिराग ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते नीतीश कुमार राजद 15 साल के शासनकाल की बातें करते हैं। पहले उन्हें जवाब देना चाहिए कि उन्होंने 15 साल में क्या काम किया। कोरोना काल में क्या किया। लॉकडाउन के दौरान लाखों प्रवासी घर लौटने को मजबूर हुए, उनके लिए सरकार ने क्या किया।

दलित को महादलित, पिछड़ा को अति पिछड़ा बनाने की राजनीति

चिराग पासवान ने बिहार की पूरी राजनीति पर सवाल उठाया। कहा, जाति व्यवस्था कैसे दूर हो, संप्रदायिकता के खिलाफ किस तरीके से मुहिम चलाई जाए, यह नहीं सोचा जा रहा है। दलित को महादलित, पिछड़ा को अति पिछड़ा में बांटना इस तरीके से राजनीत हो रही है। लेनदेन करके वोट बैंक बनाये जा रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की हालत बिहार में बदतर है। जब तक यह सही नहीं होगा विकसित बिहार का सपना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशक से सिर्फ बिहार के विकास की चर्चा ही सिर्फ हो रही है, लेकिन वास्तविकता में धरातल पर कुछ नहीं है। सिर्फ वोट बैंक की राजनीति हो रही है, लेकिन सही में बिहार के मुद्दे को लेकर कोई राजनीति नहीं कर रहा।   

नीतीश राज में बंद हुए उद्योग, पलायन सबसे बड़ी चिंता

चिराग ने कहा कि नीतीश कुमार कहते हैं कि बिहार समुद्र किनारे नहीं है इसलिए यहां बड़े उद्योग नहीं लग रहे हैं। मैं पूछता हूं कि पंजाब और हरियाणा कौन से समुद्र किनारे हैं। वहां उद्योग कैसे लगे। सच तो यह है कि नीतीश कुमार के राज में बिहार में पहले से चल रहे उद्योग भी बंद हुए हैं। उद्योग होता तो हमारे यहां के युवाओं को काम के लिए पलायन नहीं करना पड़ता।

नली-गली बनना ही विकास नहीं

चिराग ने कहा कि हमारा देश विकास के नए-नए आयाम गढ़ रहा है, लेकिन बिहार में आज भी हमारा मापदंड बेहद छोटा है। नीतीश कुमार हर जगह नली-गली योजना और हर खेत तक पानी पहुंचाने की योजना की बात करते हैं। सिर्फ नली-गली बनाना ही विकास नहीं है। ये काम तो 15 साल पहले हो जाने चाहिए थे।

पिता को किया याद, कहा-शेर का बच्चा हूं

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में चिराग ने अपने दिवंगत पिता रामविलास पासवान को याद किया। कहा, यह पहली ऐसी चीज है जो पापा के बिना कर रहा हूं। कई बातें ऐसी हैं जो मन को आहत करती हैं। आज पापा को बहुत याद कर रहा हूं। पापा कहते थे कि शेर होगा तो जंगल चीर कर निकलेगा, मैं शेर का बच्चा हूं।

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