बुद्धिजीवियों पर राजद्रोह के मुकदमे में केंद्र और बीजेपी की कोई भूमिका नहीं : जावड़ेकर

नई दिल्ली। बीजेपी ने 49 बुद्धिजीवियों और कलाकारों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज होने को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधने वालों को जवाब दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि निहित स्वार्थ के कारण ‘सफेद झूठ’ फैलाया जा रहा है। केंद्रीय पर्यावरण एवं सूचना प्रसारण मंत्री ने कहा कि राजद्रोह का केस दर्ज किए जाने का बीजेपी या केंद्र सरकार से कोई लेना-देना नहीं है।

जावड़ेकर ने कहा, ‘इससे बीजेपी और सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। यह एक अफवाह जिसका सहारा मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए हमेशा लिया जाता है। इस तरह के अफवाह से यह धारणा बनाने की कोशिश की जाती है कि मोदी सरकार के तानाशाही शासन में अभिव्यक्ति की आजादी पर पाबंदी लगी हुई है।’ उन्होंने कहा कि कुछ निहित स्वार्थी तत्वों और ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग की ओर से फैलाया जा रहा बिल्कुल सफेद झूठ है। जावड़ेकर ने कहा, ‘इस केस में यही हो रहा है। इस गैंग का पूरी दुनिया में नेटवर्क है। हालांकि, लोगों को पता है कि कौन, क्या करता है।’

याद रहे कि बिहार के मुजफ्फरपुर की अदालत में जिन 49 जानी-मानी हस्तियों के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें इतिहासकार रामचंद्र गुहा, फिल्मी हस्तियां अपर्णा सेन, अदूर गोपालकृष्णन, श्याम बेनेगल आदि शामिल हैं। इन सभी ने देश में लिंचिंग की घटनाएं बढ़ने का दावा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी थी जिसके बाद उनके खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज करवाया गया।

मजुफ्फरपुर कोर्ट के एक वकील ने अपनी याचिका में कहा था कि 49 लोगों ने पीएम को चिट्ठी लिखकर देश की छवि पर धब्बा लगाया है। इस पर चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने पत्र लिखने वालों के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। केस रजिस्टर होने के बाद कुछ समूह और विपक्षी दल मोदी सरकार को निशाने पर लेने लगे।

This post has already been read 207 times!

Sharing this

Related posts