वापसी के बाद प्रो कुश्ती लीग के मंच से ही शीर्ष तक पहुंच सकी: पूजा ढांडा

नई दिल्ली। भारत की स्टार महिला पहलवान पूजा ढांडा ने कहा है कि प्रो कुश्ती लीग के तीसरे संस्करण में एक के बाद एक उलटफेर करने का ही यह नतीजा था कि वह विश्व चैम्पियनशिप का पदक जीतने में क़ामयाब रहीं। लीग में मिली जीत से बढ़े आत्मविश्वास का उन्हें विश्व चैम्पियनशिप में काफी फायदा मिला। उन्होंने कहा कि सर्जरी के बाद लम्बे समय तक वह मैट से दूर रहीं, ऐसे में कुश्ती लीग ही वह मंच था जिसने उन्हें यह अहसास कराया कि वह शानदार वापसी के बाद शीर्ष पर पहुंच सकती हैं।

पूजा ढांडा ने प्रो कुश्ती लीग के तीसरे सत्र में ओलंपिक और विश्व चैम्पियन हेलन मारुलिस को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। वहीं विश्व चैम्पियनशिप की रजत पदक विजेता स्टार पहलवान ओडुनायो को हराकर उन्होंने हर किसी को अपना मुरीद बना दिया था। इतना ही नहीं, विश्व चैम्पियनशिप की एक अन्य रजत पदक विजेता और साक्षी मलिक के वजन में रियो ओलिम्पिक का कांस्य पदक जीतने वाली मारवा आमरी को उन्होंने शिकस्त देकर पिछली कई पराजयों का हिसाब चुकता किया। पूजा का कहना है कि जब उन्होंने एक के बाद एक तीन उलटफेर किए तो उन्हें इस बात का अहसास हो गया था कि अब ओलंपिक या विश्व चैम्पियनशिप का पदक दूर नहीं है। पूजा ने कहा कि विश्व चैम्पियनशिप का पदक वह जीत चुकी हैं और अब ओलंपिक पदक उनका लक्ष्य है।

पूजा ने ‘हिन्दुस्थान समाचार’ से बातचीत में कहा, ‘एक समय इंजरी की वजह से उन्हें अपना करियर डांवाडोल होता दिखाई दे रहा था। उस समय कुश्ती लीग के दूसरे संस्करण में उन्होंने वापसी की और राष्ट्रीय चैम्पियन मंजू और एक अन्य पदक विजेता मनीषा को शिकस्त दी, जिसने उन्हें इस बात का आत्मविश्वास दिया कि लम्बे समय मैट से दूर रहने के बाद भी अगर वह राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के पदक विजेताओं को हरा रही हैं तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेताओं को भी हरा सकती हैं। उन्होंने कहा कि वह मैट पर जाकर अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ हार-जीत के बारे में नहीं सोचतीं। उस समय उनकी कोशिश यही रहती है कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें’।
कुश्ती लीग के चौथे संस्करण में अपने प्रतिद्वंद्वियों के बारे में पूजा का कहना है कि वह सभी प्रतिद्वंद्वियों का सम्मान करती हैं क्योंकि हर कोई जीतने के लिए आया है। सभी मेरे स्तर की पहलवान हैं। इस समय वह हार-जीत के बारे में सोचकर खुद पर दबाव नहीं बनाना चाहतीं। बस वह इतना ही जानती हैं कि उन्हें लीग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।

This post has already been read 1600 times!

Sharing this

Related posts

Leave a Comment