कांग्रेस का केंद्र पर सरकारी कंपनियों को बंद कराने और प्राइवेट को उबारने का आरोप

नई दिल्ली। कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार निजी क्षेत्र की डूबती कंपनियों को जनता के धन से बचा रही है और भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) जैसी सरकारी कंपनियों को बंद करा रही है। 
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आज यहां कहा कि एक षड्यंत्र के तहत सरकारी कंपनियों को बंद किया जा रहा है ताकि बाजार में केवल निजी कंपनियां ही कारोबार कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकारी दूर-संचार सेवा प्रदाता कंपनी बीएसएनएल में सरकारी नीतियों के चलते 54 हजार नौकरियां जाने वाली हैं और एमटीएनएल लगभग बंद होने की कगार पर है। 
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दशकों से चली आ रही और जनता की सेवा करने वाली सरकारी कंपनियों को बंद करने की साजिश रच रहे हैं। बीएसएनएल और एमटीएनएल के करीब 2 लाख 25 हजार कर्मचारियों की नौकरी भी आज खतरे में पड़ गयी है। भारत सरकार बीएसएनएल को 4जी नेटवर्क दे ही नहीं रही है जबकि निजी कंपनियों को ये 4जी नेटवर्क आसानी से मिल जाता है। पहली बार ऐसा हुआ है कि सरकारी कंपनी बीएसएनएल महीनों तक अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पायी। 
उन्होंने आगे कहा कि आईएलएंडएफएस में आर्थिक कुप्रबंधन से एनपीए बढ़कर एक लाख करोड़ हो गया है और मोदी सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पैसे का उपयोग कर इस कंपनी को बचा रही है। ओएनजीसी की एक नवरत्न कंपनी, जिसका मूल्य 77,700 करोड़ था, अब नुकसान में है। ऐसा इसलिए है कि उसे घाटे में चल रही कंपनी जीएसपीसी को खरीदने कहा गया, जिसपर 20 हजार करोड़ का कर्ज था। इसके अलावा घाटे में चल रहे आईडीबीआई बैंक को बचाने के लिए एलआईसी के पॉलिसी धारकों के 9 हजार करोड़ रुपये इस्तेमाल किये गये। 

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