ऑस्ट्रेलिया में जानवरों के बचाव एवं राहत के लिए एक टीम तैनात

  • बचे जानवरों के लिए पानी और खाद्य केन्द्र बनायेगी

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग के कारण 50 करोड़ से अधिक जानवरों की मौत के बीच दक्षिण कंगारू द्वीप पर जानवरों के बचाव एवं राहत के लिए एक टीम तैनात की गई।सोमवार को पशु कल्याण संगठन ह्यूमन सोसायटी इंटरनेशनल (एचएसआई) द्वारा गठित आपदा टीम आग में झुलसे, धुएं से प्रभावित एवं भयानक अग्निकांड से सदमे में आये जानवरों की मदद कर रही है। टीम प्राकृतिक आपदा से बच निकले जानवरों के लिए पानी और खाद्य केन्द्र बनायेगी। एचएसआई की वरिष्ठ विशेषज्ञ केली डोनिथान ने जंगलों में लगी आग से जानवरों की दर्दनाक मौत का जिक्र कर कहा,जमीनी स्थिति बेहद गंभीर है। जहां तक नजरे जा रही हैं वहां तक जानवरों के झुलसे शव दिखाई दे रहे हैं। हम तलाशी अभियान चला कर जिंदा और झुलसे हुए जानवरों को तलाश रहे हैं। उन्हें तत्काल जीवन रक्षक सहायता देना बेहद राहत भरा है।’ केली डोनिथान बताया, हम लोगों ने आग में झुलसे कई कंगारुओं और कोआला को पानी के लिए तरसते हुए देखा है। इतनी बड़ी संख्या में जानवरों की मौत के बाद किसी भी जानवर का जिंदा मिलना चमत्कार जैसा लगता है।कंगारू द्वीप पर करीब 50 हजार कोआला थे लेकिन विशेषज्ञों को आशंका है कि आग के कारण आधे से ज्यादा द्वीप के सुख जाने और वनस्पतियों के नष्ट हो जाने से अब करीब 32 हजार अन्य मवेशियों के साथ 30 हजार कोआला जानवरों की भी मौत हो गयी है। उल्लेखनीय है कि ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग को देश के इतिहास की सबसे भयंकर आग माना जा रहा है। करीब 70 मीटर तक उठती लपटें कुतुब मीनार की ऊंचाई से मामूली रुप से कम हैं। इससे अब तक 50 करोड़ से अधिक जानवरों की मौत हो चुकी है और 26 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

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