Ramgarh : रंगदारी मामले में पांडे गिरोह के साथ एक प्रसिद्ध व्यवसाई भी रडार पर

रंगदारी मामले में पांडे गिरोह के साथ एक प्रसिद्ध व्यवसाई भी रडार पर

रामगढ़। सीसीएल सोंदा बी रेलवे साइडिंग पर एसएसईपीएल मोबाइल क्रेशर कंपनी से रंगदारी मामले में पांडे गिरोह के साथ जिले के एक प्रसिद्ध व्यवसाई भी रडार पर हैं। पुलिस इस पूरे मामले को जिस तरीके से जांच कर रही है, वह संदेह के घेरे में है। एसएसईपीएल कंपनी के मालिक अमरेश तिवारी और भुरकुंडा पुलिस को पूरा संदेह था, कि जिस तरह से रंगदारी मांगी जा रही है, उसमें कोई प्रतिद्वंदी व्यापारी भी शामिल है। पुलिस के सामने जिले के प्रसिद्ध व्यवसाई पप्पू जैन का नाम सामने आया। एसपी के आदेश पर भुरकुंडा पुलिस ने उन्हें हिरासत में भी लिया था। एसपी प्रभात कुमार ने खुद उनसे पूछताछ की थी। लेकिन फिर बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। हालांकि भुरकुंडा पुलिस के रडार पर पप्पू जैन अभी भी संदिग्ध ही हैं। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी कि मोबाइल क्रशर कंपनी को रंगदारी के लिए बंद कराया गया था। एसएसईपीएल से पहले पप्पू जैन की कंपनी सोंदा बी रेलवे साइडिंग पर काम कर रही थी। उनके सांठगांठ पांडे गिरोह के लोगों के साथ थे। पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई थी कि वहां काम करने के लिए उनके द्वारा कई बार पांडे गिरोह को रकम भी पहुंचाई गई थी। जब पप्पू जैन की कंपनी को वहां काम नहीं मिला, तो उन्होंने नई कंपनी को भगाने के उद्देश्य से यह साजिश रची होगी। पुलिस इस पूरी कहानी की तफ्तीश कर रही है। लेकिन प्राथमिकी के अनुसार पुलिस की कहानी भी संदेह के घेरे में है। भुरकुंडा पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी 119/20 की बात की जाए, तो उसमें ऐसी कई बातें लिखी गई हैं, जिस पर विश्वास करना काफी मुश्किल हो रहा है। प्राथमिकी के अनुसार पांडे गिरोह के लगभग डेढ़ दर्जन लोग 31 मई 2020 को सेंट्रल सोंदा सीसीएल कॉलोनी में पंचायत भवन के पास दिनदहाड़े कंपनी के मैनेजर को धमकी देने पहुंचे थे। लॉकडाउन के दौरान इतना बड़ा जमावड़ा लग गया, लेकिन वहां किसी को कानों कान कुछ पता भी नहीं चला। अपराधियों द्वारा की गई इतनी बड़ी वारदात की सूचना 9 जून को पुलिस को मिली। यह पूरी कहानी पुलिस की असफलता को ही बयां कर रही है। प्राथमिकी के अनुसार पुलिस की एक और थ्योरी समझ से परे है। भुरकुंडा पुलिस को यह सूचना दी गई कि 2-3 मोटरसाइकिल से पांडे गिरोह के 16 लोग धमकी देने पहुंचे थे। सभी 16 अपराधी तीन बाइक पर लॉकडाउन के दौरान सवार होकर उस घनी आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गए और कंपनी के मैनेजर को जान से मारने की धमकी देकर निकल भी गए। इस दौरान पुलिस भी अपने क्षेत्र में लगातार गश्त लगा रही थी। लेकिन उन्हें इस बात की भनक तक नहीं लगी यह बेहद चौंकाने वाली बात है।

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