ये टिप्स रखेंगे आपको टेंशन फ्री

यदि आप अपने कार्यस्थल पर टेंशनमुक्त रहना चाहती हैं तो समय पर काम को पूरा करने की आदत डालें। साथ ही स्वयं की थोड़ी सी देखभाल भी करें। ऐसा करके न केवल आप अन्य लोगों के लिए मिसाल बन सकती हैं, बल्कि स्वयं को हमेशा प्रसन्न रख सकती हैं…

तनाव आज इंसान के जीवन का हिस्सा बन चुका है और इसका सीधा असर पड़ता है उसके काम पर। तनावग्रस्त होने पर आप नाखुश तो रहती ही हैं साथ ही हताशा भी चेहरे पर साफ नजर आती है। इसका असर यहीं पर खत्म नहीं होता यह काम करने की क्षमता के साथ ही कंपनी के साथ आपके रिश्ते को भी प्रभावित करता है। यदि आप ऐसी समस्या से ग्रसित हैं तो ध्यान दें इन बातों का।

तनाव की पहचान
सबसे पहले तो इस बात को समझने की कोशिश करें कि आप तनावग्रस्त हैं कि नहीं। फिर उसके लक्षणों की पहचान करने की कोशिश करें। उदाहरण स्वरूप चिड़चिड़ाहट होना, अत्यधिक धूम्रपान या चाय, कॉफी लेना, नींद में अनियमितता आना ये तनाव के लक्षण हैं। यदि इनमें से एक या कई लक्षण नजर आते हैं तो निश्चित रूप से आप तनावग्रस्त हैं।

तनाव का कारण
शांति से बैठकर इस बात पर गौर करें कि तनाव का मुख्य कारण क्या है? यह आपके काम का तरीका है या काम की अधिकता ने आपको तनावग्रस्त कर दिया है? इस बारे में आराम से सोचें। क्या यह समस्या सिर्फ किसी खास प्रोजेक्ट में हो रही है या डेडलाइन पर काम खत्म न होने की टेंशन है या ऐसी स्थिति में खुद को कमजोर महसूस करना आपकी परेशानी को बढ़ा रहा है।

काम का माहौल
सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप जिस ऑफिस में काम करती हैं वहां का माहौल कर्मचारियों के अनुकूल है या नहीं? कई बार तनाव का कारण कार्यस्थल में होने वाली परेशानियां ही होती हैं। इसके लिए देखें कि आप जिस संस्थान से जुड़ी हैं वहां पर कर्मचारियों के लिए अच्छी सुविधाएं जैसे सुविधाजनक टाइम, पार्ट-टाइम काम करने की सुविधा, घर में काम करने का विकल्प, आकस्मिक छुट्टी आदि हैं कि नहीं। यदि ऐसा नहीं है तो ऐसे संस्थान को जितनी जल्दी संभव हो छोड़ दें और तनाव से मुक्ति पाएं। कारण, तनाव वाली जगह पर काम करने पर न केवल आपकी कार्यक्षमता प्रभावित होगी, बल्कि आप तनावग्रस्त भी होती जाएंगी। इसका नतीजा यह होगा कि आप हमेशा अस्वस्थ बनी रहेंगी। जाहिर है, अस्वस्थ रहकर कोई भी काम सपलतापूर्वक अंजाम नहीं दिया जा सकता।

काम की लिस्ट
तनाव से निपटने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि काम को उसकी प्राथमिकता के हिसाब से बांट लिया जाए। इसके लिए दिन में किए जाने वाले कामों की उनकी प्राथमिकता के हिसाब से लिस्ट बना लें। उदाहरणस्वरूप सबसे पहले काम से संबंधित जरूरी मीटिंग अटेंड करना। फिर जरूरी मेल भेजना। फिर अपने काम से संबंधित जरूरी चीजों को क्रमानुसार करते जाना। एक बार जब लिस्ट तैयार हो जाए तो हर काम के लिए समय सीमा तय कर लें।

ब्रेक लेती रहें
खुद को तनाव से बचाने के लिए काम के दौरान थोड़े-थोड़े अंतराल पर ब्रेक लेती रहें। हर दो घंटे के आसपास अपनी सीट से उठकर थोड़ा टहल लें पानी, चाय या कॉफी पिएं। आप चाहें तो अन्य सहयोगियों से कुछ देर बातचीत भी कर सकती हैं। कुछ जगहों पर आराम करने के लिए कैैंटीन, रेस्ट रूम, रीडिंग रूम या जिम आदि की व्यवस्था भी होती है। अगर आपके कार्यस्थल में ऐसी सुविधाएं हैं तो वहां जाकर दिमाग को हल्का करें।

खुद की देखभाल
स्वास्थ्य के लिहाज से यह बहुत ही जरूरी है कि आप अपनी पर्याप्त देखभाल करें। शरीर को पोषण पहुंचाने और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्यवर्द्धक चीजों का सेवन करें। यदि आप उन लोगों में से हैं, जो काम के चक्कर में लंच को इग्नोर कर देते हैं तो सबसे पहले इस आदत को सुधारने की जरूरत है। लंच बॉक्स अपने साथ ऑफिस जरूर ले जाएं और रोजाना टाइम पर उसका सेवन करें। अगले दिन काम के दौरान तरोताजा रहने के लिए पर्याप्त नींद जरूर लें। मसल्स टोनिंग और बॉडी स्ट्रेंथनिंग जैसी एक्सरसाइज को भी अपने रुटीन का हिस्सा बनाएं। साथ ही सुबह या शाम के समय कुछ देर अवश्य टहलें। आप मेडिटेशन और योगा भी कर सकती हैं। इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहेगी और आपका सारा काम खुशी-खुशी और आसानी से होगा।

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