भारतीय दूरसंचार क्षेत्र काफी चुनौतीपूर्ण लेकिन संभावनाएं भी अपारः सुंदरराजन

नई दिल्ली। दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन ने बृहस्पतिवार को भारतीय दूरसंचार बाजार को बहुत चुनौतीपूर्ण करार देते हुये कहा कि इसमें आमूल बदलाव की शुरुआत भर हुई है और इसमें ना सिर्फ निवेश बल्कि मुनाफा कमाने की काफी संभावनाएं हैं। सुंदरराजन ने कहा कि राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति के तहत निर्धारित 100 अरब डॉलर के निवेश का आकलन से बहुत ज्यादा नहीं है। उन्होंने कहा कि नई दौर की प्रौद्योगिकी और 5जी के आगमन के साथ यह राशि भी कम पड़ सकती है। सचिव ने कहा कि भारतीय दूरसंचार बाजार गतिशील एवं उत्साहपूर्ण है साथ ही यह बहुत चुनौतीपूर्ण भी है। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि हमने केवल शुरुआती बदलाव देखे हैं और मैं आश्वस्त हूं कि बहुत से बदलाव होने वाले हैं लेकिन यह बहुत बड़ा बाजार है, इस बाजार में निवेश एवं उसे मुनाफा योग्य बनाने की अपार संभावनाएं हैं। ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम की ओर से आयोजित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया पर आयोजित परिचर्चा के दौरान सुंदरराजन ने इस बात की ओर इशारा किया कि किस प्रकार चीन और विश्व का एक बड़ा हिस्सा डिजिटल संचार के क्षेत्र में बहुत अधिक निवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह है कि आने वाले समय में शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार से लेकर मनोरंजन का माध्यम डिजिटल होगा। सुदरराजन ने कहा, दूरसंचार क्षेत्र में वैश्विक खर्च बढ़कर 4,000 अरब डालर तक पहुंच जाने का अनुमान है। डिजिटल दूरसंचार ढांचा क्षेत्र में चीन हर साल 188 अरब डालर का निवेश कर रहा है। केवल 5जी के क्षेत्र में ही चीन का चीन का बजट 500 अरब डालर रहने का अनुमान है। माना जा रहा है कि वैश्विक जीडीपी में 5जी का प्रभाव काफी अहम होगा और यह दोगुनी हो सकता है। यही वजह है कि अनेक दंश दूरसंचार क्षेत्र के ढांचे में काफी निवेश कर रहे हैं।

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