चुनावी लाभ लेने के लिए जल्दबाजी में कराया गया विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन: हेमंत

  • साहिबगंज में टर्मिनल के उद्घाटन को भी बताया फर्जी
  • अधिकारी ऐसा काम न करें कि कैरियर समाप्त हो जाये 

रांचीपूर्व मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने राज्य की रघुवर सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनावी लाभ लेने के लिए जल्दबाजी में नए विधानसभा भवन का उद्घाटन कराया गया है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने सारे नियमों और कानूनों को ताक पर रख दिया। सच्चाई यह है कि चुनावी लाभ लेने के लिए सरकार ने खुद ही नियमों का उल्लंघन किया। भवन के पूरे तरीके से बनने में अभी दो-तीन महीने का समय और लगेगा। इसके बावजूद नगर निगम से ओके पेन सी सर्टिफिकेट ले लिया गया। सोरेन शुक्रवार को झारखंड के नए विधानसभा भवन के उद्घाटन और विशेष सत्र को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस  में बोल रहे थे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उद्घाटन के दौरान सदन और सदन की गरिमा को ताक पर रख दिया गया। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, संसदीय कार्य मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. दिनेश उरांव, रांची की मेयर आशा लकड़ा को नजरअंदाज किया गया। हेमंत ने कहा कि वह फर्जी तरीके से प्रमाणपत्र लेकर विधानसभा भवन का उद्घाटन कराने और भवन तैयार होने का वह हिस्सा बनना नहीं चाहते थे। इस कारण वे विधानसभा के विशेष सत्र में नहीं जा रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि आज के सत्र को लेकर ना तो संसदीय कार्य मंत्री और ना ही विधानसभा अध्यक्ष से उनसे कोई बातचीत हुई है और न कोई निमंत्रण मिला है। हेमंत सोरेन ने साहिबगंज में टर्मिनल के उद्घाटन को भी फर्जी बताया और कहा कि यह भी अभी तैयार नहीं हुआ है। उद्घाटन के दिन वहां विस्थापितों और प्रशासन के बीच कहासुनी भी हुई। उन्होंने कहा कि समुद्री मार्ग द्वारा झारखंड के खनिजों का दोहन होगा। साथ ही आने वाले दिनों में झारखंड में माफिया की संख्या में बढ़ोतरी होगी। हेमंत ने किसान मानधन योजना और बेरोजगारी पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि किसानों को 18 साल की उम्र से ही 200 रुपए देना होगा। उन्होंने कहा कि जब किसानों को 60 साल के बाद तीन हजार रुपए की क्या कीमत होगी। उन्होंने दुकानदारों को दिए जाने वाले पेंशन पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने झूठ कहा है कि कल से ही किसानों और दुकानदारों को पेंशन मिलना शुरू हो जाएगा। हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के प्रशासनिक पदाधिकारी भाजपा के कार्यकर्ता बनकर रह गए हैं। उन्होंने राज्य के पदाधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि वह ऐसा कोई काम नहीं करें जिससे उनका कैरियर समाप्त हो जाए। उन्होंने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस और भ्रष्टाचार के नाम पर जनता को बेवकूफ बना रही है। हेमंत ने आरोप लगाया कि अपने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार किसी भी हद तक जा सकती है। गुरुवार के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरे राज्य के स्कूलों को बंद कर दिया गया। स्कूल की बसों को कब्जे में ले लिया गया और डीसी, एसपी समेत सभी अधिकारियों को भीड़ जुटाने में लगा दिया गया।

न्याय यात्रा के बाद होगी गठबंधन पर बात

हेमंत ने गठबंधन के सवाल पर कहा कि वह अभी संघर्ष और न्याय यात्रा में निकले हुए हैं। इसके समाप्त होने के बाद गठबंधन पर बातचीत करेंगे। साथ ही हेमंत ने नए मोटर कानून पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन ऐसा व्यवहार कर रही है जैसे वाहन चालक कोई आतंकवादी या रेपिस्ट हो। आर्थिक मंदी पर हेमंत ने कहा कि देश भयंकर आर्थिक मंदी से गुजर रहा है। नोटबंदी और जीएसटी का असर अब वाकई में दिखने लगा है।

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