ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है करेला

करेले का नाम आते ही लोगों को कड़वा स्वाद याद आ जाता है लेकिन करेला हमारी सेहत के लिए बहुत लाभदायक है। करेले को हम कई तरह से दवा के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। करेले में कई ऐसे गुण पाए जाते हैं, जिनसे कई बीमारियों की आशंकाओं को कम किया जा सकता है। बता दें कि ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में करेला बहुत मदद करता है। करेले में मोमर्सिडीन और चैराटिन जैसे एंटी-हाइपर ग्लेसेमिक तत्व पाए जाते हैं। आपको बताते हैं कि कैसे करेला ब्लड शुगर…

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सेहत के लिए वरदान से कम नहीं है जौ

जौ ऐसा अनाज है, जिसके सेवन से हमारे शरीर को कई पोषक तत्व तो मिलते ही हैं। साथ ही ये हमें कई बीमारियों से भी बचाता है। जौ, गेहूं की ही जाति का एक अनाज है, लेकिन ये गेहूं की अपेक्षा हल्का और मोटा अनाज है। जौ में मुख्य रूप से लैक्टिक ऐसिड, सैलिसिलिक ऐसिड, फास्फोरिक ऐसिड, पोटेशियम और कैल्शियम उपलब्ध होता है। आइए जानते हैं जौ के फायदे। मोटापा खत्म करे 95 प्रतिशत लोग मोटापे की समस्या से परेशान रहते हैं। जौ के सत्तू और त्रिफला के काढ़े में…

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पोटैशियम की कमी से नहीं आ रही नींद

आज की जेनेरेशन को रात में देर तक जागने की आदत है। मगर इसका खामियाजा यह होता है कि उन्हें दिनभर सुस्ती, थकान, और कमजोरी महसूस होती रहती है। आपके आसपास भी किसी को ऐसा हो रहा है, तो इसके लिए वॉट्सएप, फेसबुक या स्मार्टफोन को दोष देने से पहले पोटाशियम का स्तर जरूर चेक करवा लें। अक्सर शरीर में पोटाशियम की कमी से इस तरह की समस्याएं होने लगती हैं। शरीर में पोटैशियम की कमी को हाइपोक्लेमिया कहा जाता है। स्वस्थ रहने और बीमारियों से बचने के लिए हर…

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सही पोषण की सात अच्छी आदतें

हम क्या खाते हैं और कितना पानी पीते हैं, यह तय करता है कि हम कितने फिट और स्वस्थ रहेंगे। अच्छी सेहत के लिए खान-पान में पोषण का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। जानते हैं कुछ बातें, जो कर सकती हैं इसमें आपकी मदद… नाश्ता जरूर करें खुद को यह बताएं कि सुबह का नाश्ता अच्छी सेहत के साथ-साथ शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए जरूरी है। टोंड दूध के साथ ओट्स लें। उच्च फाइबरयुक्त फल और एक चुटकी दालचीनी खाएं। इससे रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद…

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02 अप्रैल 2019 विश्व आटिज्‍म दिवस पर विशेष :

जंग जीतने की जद्दोजहद रौनक और शोर शराबे के शौकीन लोग अकसर सड़क के आसपास अपना घर बनाने का सपना देखते हैं, लेकिन ऐसे लोगों को थोड़ा चौकन्ना होने की जरूरत है क्योंकि ऐसी जगहों पर रहने वालों के बच्चों में ऑटिज्म होने का खतरा दो गुना तक बढ़ सकता है। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। ऑटिज्म अर्थात स्वलीनता एक ऐसी बीमारी है, जिसके शिकार बच्चे अपने आप में खोए रहते हैं, उन्हें दीन दुनिया की कोई खबर नहीं रहती। वह सामाजिक रूप से अलग थलग रहते…

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अच्छी सेहत के लिए जरूरी है फाइबर

कभी वर्क कभी फोटो शूट तो कभी मार्केटिंग कॉल पर आउटडोर जाना इनके काम में शुमार है। होटल की ब्रैंडिंग के लिए लोगों से मिलना और होटल में ही खाना इनके रुटीन में शामिल होता है। जी हां, होटल्स मार्क कॉम मैनेजर का प्रोफेशन ही कुछ ऐसा है कि इन्हें अपने लिए भी समय नहीं मिलता। ऐसे में यह अपनी सेहत और खानपान का खयाल कैसे रखते हैं, डीडी ने की पड़ताल। साथ ही इनकी लाइफस्टाइल को दुरुस्त करने के लिए डाइटीशियन से जानें कुछ खास टिप्स। दिनचर्या: मेरे दिन…

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कहीं आपको हाइपर एसिडिटी तो नहीं

जब गलत खानपान और अपच के कारण पेट में पित्त के विकृत होने पर अम्ल की अधिकता हो जाती है, तो उसे अम्लपित्त कहते हैं। यही अम्लपित्त हाईपर एसिडिटी कहलाता है। आइए जानते हैं, इसके कारण, लक्षण और इससे बचने के उपाय… हाइपर एसिडिटी के कारण:- अत्यधिक गर्म, तीखा, मसालेदार भोजन करने, अत्यधिक खट्टी चीजों का सेवन, देर से पचने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन, नशीले पदार्थों का सेवन करने से हाइपर एसडिटी की समस्या पैदा होती है। भोजन को पचने के लिए पर्याप्त समय न देना और अपच के…

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समय के साथ चेकअप जरूरी है सेहत के लिए

अच्छा स्वास्थ्य सबकी चाहत होती है। बहुत से लोग स्वयं को स्वस्थ रखने के लिए योगा, सैर, जिम, व्यायाम, तैराकी आदि नियमित रूप से करते रहते हैं। बहुत कम लोग ऐसे हैं जो अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक न हों। अच्छी सेहत बहुत बड़ी देन है। भगवान की इस देन को आगे बरकरार रखने के लिए हमें समय-समय पर डाक्टरों से सलाह लेते रहना चाहिए और उनके परामर्शानुसार अपनी जांच आदि करवाते रहना चाहिए ताकि बीमारी को अधिक पनपने से रोका जा सके। यदि जांच के दौरान शुरुआती लक्षण दिखायी…

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प्री डायबिटीज को किया जा सकता है रिवर्स

केवल शकर खाने से ही कोई प्री-डायबिटिक नहीं हो जाता, बल्कि जिन लोगों में सामान्य से अधिक मात्रा में हेल्दी ब्लड शुगर पाया जाता है उनमें भी टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा 5 से 15 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। इतना ही नहीं प्री-डायबिटिक में हार्ट अटैक, स्ट्रोक, डिमेंशिया, किडनी और आंखों के डैमेज होने, रक्तसंचार सुचारू नहीं होने से पैरों में दर्द का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्री-डायबिटीज की पहचान करना जरूरी हो जाता है। वजन से डायबिटीज पर कंट्रोल अधिकांश प्री-डायबिटिक को इस बात की…

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पित्त और कफ विकारों का घरेलू उपचार है गूलर

मोरासी परिवारी का सदस्य गूलर लंबी आयु वाला वृक्ष है। इसका वनस्पतिक नाम फीकुस ग्लोमेराता रौक्सबुर्ग है। यह सम्पूर्ण भारत में पाया जाता है। यह नदी−नालों के किनारे एवं दलदली स्थानों पर उगता है। उत्तर प्रदेश के मैदानों में यह अपने आप ही उग आता है। इसके भालाकार पत्ते 10 से सत्रह सेमी लंबे होते हैं जो जनवरी से अप्रैल तक निकलते हैं। इसकी छाल का रंग लाल−घूसर होता है। फल गोल, गुच्छों में लगते हैं। फल मार्च से जून तक आते हैं। कच्चा फल छोटा हरा होता है पकने…

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