पबजी गेम खेलने से बर्बाद हो रही जिंदगियां

-योगेश कुमार सोनी- विगत दिनों एक बच्चा जोर से चिल्लाया और मर गया। अचानक हुई इस घटना से लोग बेहद हैरान हुए लेकिन जब हकीकत का पता चला तो सबके होश उड़ गए। लड़का पबजी गेम को खेलने की वजह से मरा था। पबजी गेम ने उसकी सारी दिमागी शक्ति छीन ली थी। ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। तमाम जगह यह गेम बैन भी हो चुका है। बावजूद इसके, इससे हो रही घटनाएं कम होने की बजाय लगातार बढ़ रही हैं। इससे हमारी नई पीढ़ी पर एक बहुत…

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भ्रष्ट नौकरशाहों पर सरकार का चाबुक

-रमेश ठाकुर- बदलाव प्रकृति का नियम है। भ्रष्ट नौकरशाहों ने शायद ही कभी सोचा हो कि उनकी मौजमस्ती और आजादी के दिनों पर डाका पड़ेगा। कोई आकर करारी चोट मारेगा। लेकिन अब ऐसी परिकल्पना सच में परिवर्तित हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रत्यक्ष रूप से अफसरशाहों से भिड़ गए हैं। मंत्रालयों में सालों से पैर जमाए बैठे अधिकारियों में इस वक्त खलबली मची हुई है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस अंदाज से भ्रष्ट नौकरशाहों को एक झटके में बाहर का रास्ता दिखाया, उससे साफ हो गया है कि…

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नशा नाश है जीवन का

(अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध दिवस, 26 जून पर विशेष) -योगेश कुमार गोयल- नशा आज न केवल गरीब तबके के युवाओं को बल्कि धनाढ्य परिवारों के युवाओं को भी किस कदर अपना गुलाम बना रहा है, इसका आभास रेव पार्टियों में अक्सर नशे में मदहोश सैकड़ों युवक-युवतियों की गिरफ्तारियों से हो जाता है। लाखों युवा नशे की लत की पूर्ति के लिए न केवल अपना और अपने परिवार का जीवन तबाह कर डालते हैं बल्कि सभ्य समाज के लिए भी ग्रहण बनते हैं। एक समय था, जब पंजाब कृषि प्रधान राज्य…

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ओम बिड़ला को लोकसभा अध्यक्ष बना मोदी ने चौंकाया

-रमेश सर्राफ धमोरा- नरेंद्र मोदी जब से देश के प्रधानमंत्री बने हैं उनके द्वारा अचानक लिए जाने वाले फैसले सभी को चौंका देते हैं। अभी हाल ही में उन्होने लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए एक ऐसे नाम का चयन करके सभी को चौंका दिया जिस नाम के बारे में किसी ने शायद कल्पना भी नहीं की थी कि ओम बिड़ला सत्रहवीं लोकसभा के अध्यक्ष बनेंगे। ओम बिड़ला राजस्थान से लोकसभा अध्यक्ष बनने वाले पहले नेता है। हालांकि उससे पहले बलराम जाखड़ भी राजस्थान के सीकर से सांसद बन कर लोकसभा…

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राजनीति से परे कुछ सवाल उठाती डॉक्टरों की हड़ताल

-डॉ. नीलम महेंद्र- पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर हुए हमले के विरोध में लगभग एक हफ्ते से न सिर्फ पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं बल्कि देश भर में डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन भी जारी हैं। राजधानी दिल्ली में ही इस हड़ताल के चलते मरीज़ों को होने वाली परेशानी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता कि राजधानी के छः बड़े अस्पतालों में लगभग 40000 मरीज़ों को इलाज नहीं मिल सका और एक हज़ार से अधिक ऑपरेशन टाल दिए गए। हड़ताल के कारण उपचार नहीं मिलने से…

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बिलखती आंखों की यही पुकार, मेरे बच्चे को बचा लो सरकार

-मुरली मनोहर श्रीवास्तव- मजफ्फरपुर में बच्चों की हो रही मौत, सरकारी व्यवस्था पर उठा रहा सवाल पिछले कई वर्षों से बीमारियों के निदान के लिए नहीं निकाला गया कोई उपाय ज्यादातर गरीब परिवार के बच्चे हो रहे हैं इसके शिकार मेरे बच्चे को बचा लो साहब…देखो न कैसे-कैसे कर रहा है…हम गरीब हैं…हमारे आप ही सबकुछ हैं…आप सुनते क्यों नहीं….और दारुण आवाज के साथ क्रंदन करती मां अस्पताल के दहलीज पर अपने माथे को पटकती रह जाती है…मगर किसी के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। कुछ पल जैसे ही…

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हिन्दी फिल्में देखने वाले तमिलनाडु में हिन्दी का विरोध क्यों?

आर.के. सिन्हा तमिलनाडु में फिर से एक बार हिन्दी का राजनीतिक विरोध शुरू हो गया है। दरअसल विरोध नई शिक्षा नीति (2019) के मसौदा में त्रिभाषा फार्मूले पर था। यह विरोध जमीन पर कितना था, यह जानने के लिए कभी तमिलनाडु भी चले जाना चाहिए। सच तो यह है कि 60 के दशक की तुलना में दक्षिण राज्यों में अब तो हिन्दी का विरोध रत्तीभर भी नहीं रहा। अब वहां पर हिन्दी का विरोध करना सिर्फ सियासी मामला है।  जिस राज्य में हिन्दी फिल्मों को देखने के लिए जनता सिनेमाघरों…

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लद गए राजा और महाराजा के दिन

प्रभात झा मध्यप्रदेश की सरकार अल्पमत में है। 11 दिसंबर 2018 को मध्यप्रदेश का परिणाम आया था। कांग्रेस को 114 और भाजपा 109 विधानसभा की सीटें मिली थीं। ‘नंबर गेम’ के कारण बिना किसी जोड़-तोड़ के भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पद से इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया। कमलनाथजी की लंगड़ी सरकार ने शपथ ली। अभी मात्र 6 माह हुए थे। लोकसभा का चुनाव आया। जनता-जनार्दन के सहयोग से 6 माह के भीतर कमलनाथ की सरकार विश्वास खो चुकी। पूरे देश को आश्चर्य लगा कि 29…

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पुरानी जोड़ी, नया सफ़र, मोदी-शाह

सज्जाद हैदर भारत की राजनीति में एक बार फिर सियासी जोड़ी का रूप उभरकर देश की जनता के सामने बड़ी ही मजबूती के साथ आया है। यह उस समय की यादों को ताज़ा कर देता है कि जब देश की राजनीति की धुरी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई तथा लाल कृष्ण आडवाणी की जोड़ी देश की सियासत की धुरी हुआ करती थी। गुजरात से चलकर देश के सियासत में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद अब यह जोड़ी कुछ नया करिश्मा करने जा रही है, जिसके संकेत प्रधानमंत्री ने…

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जहरीली जुबान से किसका भला चाहते हैं ओवैसी

डॉ. मयंक चतुर्वेदी  ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी जिस तरह से अपनी जहरीली जुबान का प्रयोग करते हैं, उससे लगता है कि पता नहीं कब भारत की सर्वधर्म सद्भाव की फिजां खराब हो जाए। हाल में मक्का मस्जिद में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कहा कि ‘हम यहां पर बराबर के शहरी हैं, किराएदार नहीं हैं। हिस्सेदार रहेंगे। अगर कोई यह समझ रहा है कि हिंदुस्तान के वजीरे-ए-आजम 300 सीट से हिंदुस्तान पर मनमानी करेंगे तो नहीं हो…

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