विधानसभाओं के लिए अलग से हो बजट का प्रावधान : सुमित्रा महाजन

शिमला। राजधानी शिमला में शनिवार को राष्ट्रमंडल संसदीय संघ जोन- 4 का दो दिवसीय सम्मेलन व कार्यशाला शुरू हुई। इसका शुभारंभ लोकसभा अध्यक्षा सुमित्रा महाजन ने किया। अपने संबोधन में सुमित्रा महाजन ने राज्यों की विधान सभाओं के लिए अलग से बजट प्रावधान की बात कही। उन्होंने कहा कि विधान सभाओं के लिए अलग से बजट प्रावधान के मुद्दे पर चर्चा शुरू हो चुकी है। साथ ही कहा कि सर्व समावेशी विकास पर राज्यों की विधान सभा के साथ साथ संसद में भी चर्चा की जरूरत है। सम्मेलन में चर्चा के लिए आए विषयों एक देश एक चुनाव के अलावा युवाओं में बढ़ती नशाखोरी के अलावा कई अन्य अहम मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने सम्मेलन में अंतर्राज्यीय सहयोग बढ़ाने के साथ साथ राज्यों के बीच नशे की तस्करी के अलावा कई अन्य अहम मसलों पर चर्चा के लिए अंतर्राज्यीय कमेटी के गठन की आवश्यकता बताई। विधान सभा अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, हिमाचल विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष व विधायक राकेश पठानिया द्वारा धर्मशाला में राष्ट्रीय ई विधान अकादमी खोलने के मुद्दे का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि विधान सभाओं व संसद में नए चुन कर आने वाले सदस्यों के लिए ई विधान पर प्रशिक्षण आवश्यक होता है। हिमाचल ने ई विधान के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है। ई विधान अकादमी खोलने की राज्य की मांग पर वह केंद्र से बात करेंगी। इस मौके पर सुमित्रा महाजन ने कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ में जरूरत के मुताबिक मुद्दों पर चर्चा होती है। सर्व समावेशी विकास समय की जरूरत है। सर्व समावेशी सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के मुद्दे पर राज्यों व संसद में चर्चा होनी चाहिए। विधान सभा के सत्र लंबे कैसे हों, इस पर चर्चा होनी चाहिए। राज्यों के मुख्यमंत्रियों को उन्होंने इस मुद्दे पर पत्र भी लिखा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं नरीचे तक पहुंचनी चाहिए। इसके लिए प्रदेशों को काम करना होगा। उन्होंने कहा कि लोक सभा व विधान सभाओं के चुनाव एक साथ करवाने, आचार संहिता, एक साथ चुनाव करवाने के फायदे व नुकसान तमाम मुद्दों पर सोचने की जरूरत है। सम्मेलन का मकसद समकालिक चुनाव पर विधान सभा के अध्यक्षों के विचार जानना भी है। उन्होंने कहा कि लगातार चुनाव होने से विकास की बात नहीं सोच सकते हैं। ड्रग की समस्या को लेकर लोक सभा अध्यक्षा सुमित्रा महाजन ने कहा कि नशे की समस्या व्यापक होती जा रही है। पंजाब, हरियाणा, ज मू-कश्मीर में इसके दुष्परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने नशाखोरी पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि कहीं नशे की गिरफ्त में आकर पीढ़ी तो नष्ट नहीं हो जाएगी। उन्होंने इस समस्या का समधान खोजने की आवश्यकता पर बल दिया। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश विधासभा के बारे में जानकारी दी। साथ ही प्रदेश विधानसभा के निदेशक आईटी धर्मेश शर्मा, संसदीय कार्य मंत्रालय सचिव सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी व महासचिव लोकसभा स्नेहलता श्रीवास्तव ने अपनी-अपनी प्रस्तुति दी। इस सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के अलावा लोकसभा की महासचिव स्नेहलता श्रीवास्तव, गुजरात, जम्मू कश्मीर व हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष, हरियाणा के उपाध्यक्ष व इन राज्यों के सदस्य व अधिकारी तथा पंजाब के विधानसभा के अधिकारी भाग ले रहे हैं।

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