फालुन दाफा–जीवन में स्वास्थ्य और सामंजस्य का मार्ग

तेज रफ़्तारजीवन में हम सभी एक रोगमुक्त शरीर और चिंता और तनाव से मुक्त मन की इच्छा रखते हैं. किन्तु जितना हम इस लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश करते हैं, उतना ही यह दूर जान पड़ता है. ऐसा लगता है कि परिवार की समस्याओं, नौकरी के दबाव, अंतर-व्यक्तिगत संघर्ष और हमारे करीबी और प्रिय लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कोई अंत नहीं है.आज के जीवन की समस्याओं के लिए क्या हमारे पास कोई हल है? दुनिया भर के लाखों लोगों ने फालुन दाफा (जो फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) के प्राचीन ध्यान अभ्यास में अपने जवाब पाये हैं. फालुन दाफा में 5सौम्य और प्रभावी व्यायाम सिखाये जाते हैं. ये व्यायामव्यक्तिकी शक्ति नाड़ियों को खोलने, शरीर को शुद्ध करने, तनाव से राहत और आंतरिक शांति प्रदान करने में सहायता करते हैं.व्यायाम सरल, प्रभावीऔर सभी आयु के लोगों के लिए उपयुक्त हैं. फालुन दाफा मन और शरीर दोनों का अभ्यास है.व्यायाम जो व्यक्ति के शरीर की शक्तिका रूपांतरण करतेहैं उनके आलावा, यह अभ्यासरोज़मर्रा के जीवन में ‘सच्चाई, करुणा और सहनशीलता के मूलभूत नियमों का पालन करके व्यक्ति के नैतिक चरित्र को ऊपर उठाना भी सिखाता है. हमारे मन की स्थिति सीधे हमारे शरीर को प्रभावित करती है. इसलिए मन की एक सकारात्मक और शुद्ध अवस्था अंततः एक स्वस्थ शरीर की ओर ले जाएगी. यह एक कारण है कि फालुन दाफा अभ्यासइतना प्रभावशाली सिद्ध हुआ है. दुनिया भर के लाखों लोगों ने फालुन दाफा अभ्यास कोअपने रोज़मर्रा के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है. सीधे शब्दों में कहें तो, वे स्वास्थ्य और सामंजस्यपूर्ण जीवन की दिशा में इसे अपने समय का एक योग्य और सुखद निवेश पाते हैं.इसे सीखने के लिए केवल एकखुले मन और उदार हृदय कीआवश्यकता है. आप भी स्वयं इस अद्भुत अभ्यास के बारे में और अधिक सीख और जान सकते हैं.

फालुनदाफा की शिक्षाओं का संकलन ली होंगज़ी द्वारा लिखित निम्न पुस्तकों में उपलब्ध है:

  1. फालुनगोंग :इसमें फालुन दाफा के सिधान्तों की चर्चा और अभ्यास का वर्णन दिया गया है. व्यायाम कैसे करें यह उदाहरण द्वारा समझाया गया है.
  2. ज़ुआन फालुन :फालुन दाफा की मुख्य पुस्तक, जिसमें गुरु ली होंगज़ी के नौ व्याख्यानो का संग्रह है. ज़ुआन फालुन इस पद्धति के लिए एक आवश्यक मार्गदर्शक है.

 

फालुन दाफा भारत में

हमारे देश में भी हजारों लोग दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, नागपुर, पुणे आदि शहरों में फालुन दाफा का अभ्यास कर रहे हैं.अनेक स्कूलों में इसका नियमित अभ्यास किया जाता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों के परीक्षा परणामों, नैतिक गुण और शारीरिक स्वास्थ्य में दिखाई पड़ता है.फालुनदाफाका प्रदर्शन विभिन्नशहरों में आयोजित पुस्तक प्रदर्शनियों और सार्वजनिक स्थलों में किया जाता है.फालुनदाफा की निशुल्क वर्कशॉपअपने स्कूल, कॉलेज या ऑफिस में आयोजित कराने के लिए इसके स्वयंसेवकों से संपर्क किया जा सकता है.

पृष्ठभूमि

फालुन दाफा (जिसे फालुन गोंग भी कहा जाता है) मन और शरीर की एक उच्च स्तरीय साधना पद्धति है.  प्राचीन समय से यह पद्धति एक गुरु से एक शिष्य को हस्तांतरित की जाती रही है. वर्तमान समय में फालुन दाफा को पहली बार चीन में मई 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा सार्वजनिक किया गया. आज, 114 से अधिक देशों में 10 करोड़ से अधिक लोग इसका अभ्यास कर रहे हैं. फालुन दाफा और इसके संस्थापक, श्री ली होंगज़ी को, दुनियाभर में 1,500 से अधिक पुरस्कारों और प्रशस्तिपत्रों से नवाज़ा गया है. श्री ली होंगज़ी इन्हेंनोबेल शांति पुरस्कार के लिए मनोनीत किया जा चुका है व स्वतंत्र विचारों के लिए सखारोव पुरस्कारसे सम्मानित किया गयाहै. फालुन गोंग का अभ्यास आजदुनियाभर में किया जा रहा है. लेकिन दुःख की बात यह है कि चीन, जो फालुन गोंग की जन्म भूमि है, वहां इसका दमन किया जा रहा है. इसके स्वास्थ्य लाभ और आध्यात्मिक शिक्षाओं के कारण चीन में फालुन दाफा इतना लोकप्रिय हुआ कि 1999 तक करीब 7 से 10 करोड़ लोग इसका अभ्यास करने लगे. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की मेम्बरशिप उस समय 6 करोड़ ही थी. इसका बढ़ता जनाधार चीनी शासकों को खलने लगा. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने फालुन दाफा की शांतिप्रिय प्रकृति के बावजूद इसे अपने प्रभुसत्ता के लिए खतरा माना और 20 जुलाई 1999 को इसपर पाबंदी लगा दी और इसे कुछ ही महीनों में जड़ से उखाड़ देने की मुहीम चला दी.चीनी कम्युनिस्ट पार्टी फालुन गोंग को दबाने के लिए क्रूर दमन कर रही है जो आज तक जारी है. पिछले 18 साल से फालुन दाफा अभ्यासीचीनी कम्युनिस्ट पार्टीके अपराधों को उजागर करने और चीन में हो रहे दमन को समाप्त करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं.

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